अगर आपने कोई सोसायटी (Society) पंजीकृत कराई है, तो केवल पंजीयन करा लेना ही पर्याप्त नहीं है। पंजीयन के बाद भी सोसायटी को हर वर्ष कुछ जरूरी जानकारी Registrar, Firms & Societies के कार्यालय में प्रस्तुत करनी होती है।
इन्हीं महत्वपूर्ण कार्यों में छत्तीसगढ़ सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1973 की धारा 27 के तहत वार्षिक जानकारी प्रस्तुत करना भी शामिल है।
बहुत से सोसायटी पदाधिकारियों को यह पता नहीं होता कि धारा 27 में कौन-कौन सी जानकारी देनी होती है, कब देनी होती है, कौन-से दस्तावेज लगाने होते हैं और इसे ऑनलाइन कैसे जमा करना है।
इस लेख में हम धारा 27 की पूरी प्रक्रिया को बहुत आसान भाषा में, AGM से लेकर ऑनलाइन आवेदन जमा करने तक समझेंगे।
महत्वपूर्ण: यह लेख छत्तीसगढ़ Registrar, Firms & Societies के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध मार्गदर्शन और प्रारूप–7 (नियम 11) के आधार पर तैयार किया गया है। प्रारूप–7 में सोसायटी के सदस्यों, वर्तमान कार्यकारिणी, पूर्व कार्यकारिणी, निर्वाचन तथा वार्षिक सभा से संबंधित विभिन्न जानकारियों के लिए अलग-अलग विवरण मांगे गए हैं।
धारा 27 क्या है?
सरल भाषा में कहें तो धारा 27 के तहत सोसायटी को अपनी वार्षिक जानकारी Registrar के पास प्रस्तुत करनी होती है।
इससे Registrar के रिकॉर्ड में यह जानकारी अपडेट रहती है कि सोसायटी की वर्तमान स्थिति क्या है और उसका संचालन करने वाली कार्यकारिणी/शासी निकाय (Governing Body) में कौन-कौन लोग हैं।
इसलिए धारा 27 को हर साल की जाने वाली एक महत्वपूर्ण वार्षिक वैधानिक प्रक्रिया (Annual Compliance) के रूप में समझना चाहिए।
धारा 27 के लिए कौन-सा Form भरना होता है?
छत्तीसगढ़ में इसके लिए प्रारूप–7 (नियम 11) निर्धारित है।
प्रारूप–7 को देखने पर पता चलता है कि इसमें केवल वर्तमान कार्यकारिणी के नाम नहीं मांगे जाते, बल्कि सोसायटी से संबंधित कई अन्य जानकारियाँ भी देनी होती हैं।
इसलिए धारा 27 भरने से पहले सोसायटी को अपनी AGM और सदस्यता से संबंधित रिकॉर्ड तैयार रखना चाहिए।
प्रारूप–7 में कौन-कौन सी जानकारी देनी होती है?
अब इसे एक-एक करके आसान भाषा में समझते हैं।
1. सोसायटी का नाम और पता
सबसे पहले सोसायटी का पूरा नाम और पता दर्ज किया जाता है।
यह वही नाम और पता होना चाहिए जो सोसायटी के पंजीयन रिकॉर्ड में दर्ज है।
2. Registration Number और Date
सोसायटी का:
- पंजीयन क्रमांक
- पंजीयन की तारीख
देनी होती है।
यह जानकारी सामान्यतः Registration Certificate पर मिल जाती है।
3. सोसायटी के कुल सदस्यों की जानकारी
प्रारूप–7 में कुल सदस्यों की संख्या तथा उनके नाम और पते से संबंधित जानकारी मांगी गई है।
इसके लिए सदस्य सूची का भी प्रावधान है।
इसलिए AGM के समय सोसायटी की सदस्य सूची को अपडेट रखना बहुत उपयोगी है।
4. कार्यकारिणी का कार्यकाल
सोसायटी की नियमावली के अनुसार कार्यकारिणी कितने समय के लिए चुनी जाती है, इसकी जानकारी देनी होती है।
उदाहरण के लिए, यदि आपकी नियमावली के अनुसार कार्यकारिणी का कार्यकाल 3 वर्ष है, तो उसी के अनुसार जानकारी दी जाएगी।
यह जानकारी अपनी नियमावली और चुनाव की कार्यवाही से मिलाकर भरें।
5. वर्तमान निर्वाचन की जानकारी
प्रारूप–7 में वर्तमान चुनाव से संबंधित जानकारी भी मांगी जाती है।
इसमें यह बताना होता है कि:
- वर्तमान चुनाव कब हुआ?
- कितने सदस्य उपस्थित थे?
- आवश्यक गणपूर्ति (Quorum) पूरी हुई या नहीं?
इसलिए चुनाव/AGM के समय उपस्थित सदस्यों का रिकॉर्ड ठीक से रखना चाहिए।
6. वर्तमान कार्यकारिणी की जानकारी
यह धारा 27 का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।
प्रारूप–7 में वर्तमान कार्यकारिणी के लिए अलग तालिका दी गई है।
इसमें प्रत्येक पदाधिकारी के संबंध में मुख्य रूप से:
- नाम
- पद
- व्यवसाय
- पता
- पद पर रहने की अवधि
- हस्ताक्षर
जैसी जानकारी मांगी गई है।
उदाहरण के लिए:
नामपदव्यवसायपताकार्यकालराम कुमारअध्यक्षव्यवसायरायपुर2026–2029मोहन साहूसचिवशिक्षकरायपुर2026–2029सुरेश वर्माकोषाध्यक्षव्यवसायरायपुर2026–2029
यह केवल उदाहरण है। वास्तविक जानकारी अपनी सोसायटी के रिकॉर्ड और नियमावली के अनुसार ही भरनी चाहिए।
7. पूर्व कार्यकारिणी की जानकारी भी देनी होती है
यह एक महत्वपूर्ण बात है।
कई लोग सोचते हैं कि चुनाव के बाद केवल नई कार्यकारिणी की जानकारी देनी होगी। लेकिन प्रारूप–7 में पूर्व कार्यकारिणी के लिए भी अलग तालिका दी गई है।
इसमें भी नाम, पद, व्यवसाय, पता, कार्यकाल और हस्ताक्षर आदि के लिए स्थान दिया गया है।
इसलिए धारा 27 की तैयारी करते समय वर्तमान और पूर्व दोनों कार्यकारिणियों की जानकारी तैयार रखें।
8. पूर्व निर्वाचन और AGM की जानकारी
प्रारूप–7 में पूर्व निर्वाचन की तारीख तथा सोसायटी की नियमावली के अनुसार होने वाली वार्षिक साधारण सभा से संबंधित जानकारी भी मांगी गई है।
इसमें अंतिम वार्षिक सूची प्रस्तुत करने से संबंधित जानकारी तथा इस वर्ष की वार्षिक सभा की कार्यवाही से संबंधित विवरण भी शामिल हैं।
इसलिए AGM के बाद धारा 27 भरते समय AGM की कार्यवाही अपने सामने रखना सबसे अच्छा तरीका है।
धारा 27 कब जमा करनी होती है?
यह सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न है।
यदि सोसायटी की नियमावली में Annual General Meeting (AGM) का प्रावधान है, तो AGM होने के बाद धारा 27 की वार्षिक सूची निर्धारित समय-सीमा में Registrar के पास प्रस्तुत करनी होती है।
Registrar, Firms & Societies के विभागीय मार्गदर्शन में AGM के बाद धारा 27 की जानकारी प्रस्तुत करने की प्रक्रिया और 45 दिनों की अवधि का उल्लेख किया गया है।
इसलिए आसान नियम याद रखें:
AGM के बाद धारा 27 की तैयारी तुरंत शुरू करें और निर्धारित 45 दिनों की अवधि के भीतर आवेदन जमा करें।
आखिरी दिन का इंतजार करना ठीक नहीं है।
AGM के बाद धारा 27 की प्रक्रिया क्या है?
अब सबसे उपयोगी हिस्सा आता है।
आज धारा 27 की प्रक्रिया को ऑनलाइन पूरा करने के लिए LandSeva और RFAS दोनों की भूमिका को समझना जरूरी है।
पूरी प्रक्रिया को सरल भाषा में ऐसे समझें:
AGM → जानकारी तैयार करें → LandSeva पर जानकारी भरें → Pre-filled Form प्राप्त करें → Form पर हस्ताक्षर करें → चालान व प्रस्ताव/आवश्यक दस्तावेज तैयार करें → RFAS पर Online Submit करें
अब इसे विस्तार से समझते हैं।
Step 1 — सबसे पहले AGM करें
सोसायटी की Annual General Meeting यानी वार्षिक साधारण सभा (AGM) आयोजित करें।
AGM में जो भी निर्णय लिए जाएं, उनका सही रिकॉर्ड रखें।
यदि कार्यकारिणी का चुनाव होना है तो चुनाव की पूरी कार्यवाही भी सुरक्षित रखें।
Step 2 — AGM की जानकारी तैयार रखें
AGM के बाद निम्न जानकारी अपने पास रखें:
- AGM की तारीख
- उपस्थित सदस्यों की संख्या
- Quorum की स्थिति
- चुनाव की तारीख
- चुने गए पदाधिकारी
- कार्यकारिणी का कार्यकाल
- AGM की कार्यवाही/Minutes
- प्रस्ताव/Resolution
- सदस्य सूची
इन जानकारियों की जरूरत प्रारूप–7 भरते समय पड़ेगी।
Step 3 — LandSeva.in पर जानकारी भरें
अब आप LandSeva.in पर जाकर धारा 27/प्रारूप–7 के लिए आवश्यक जानकारी भर सकते हैं।
यहाँ सबसे महत्वपूर्ण सुविधा यह है कि AGM के बाद अपनी जानकारी भरने पर धारा 27 के तहत जमा किए जाने वाले दस्तावेजों का Pre-filled Form तैयार किया जा सकता है।
इससे सोसायटी पदाधिकारी को पूरा Form शुरू से हाथ से तैयार करने की परेशानी कम हो जाती है।
ध्यान रखें कि LandSeva को Form तैयार करने में सहायता देने वाली सेवा के रूप में समझें। अंतिम सरकारी submission Registrar, Firms & Societies के आधिकारिक RFAS portal पर किया जाता है।
Step 4 — Pre-filled Form डाउनलोड करें और जांचें
LandSeva पर जानकारी भरने के बाद तैयार Form को डाउनलोड करें।
अब इसे बिना जांचे जमा न करें।
एक बार ध्यान से देखें:
- सोसायटी का नाम सही है?
- Registration Number सही है?
- Registration Date सही है?
- सदस्यों की संख्या सही है?
- सदस्य सूची सही है?
- AGM की तारीख सही है?
- वर्तमान कार्यकारिणी सही है?
- पूर्व कार्यकारिणी सही है?
- पद सही हैं?
- कार्यकाल सही है?
- पते सही हैं?
- व्यवसाय सही लिखा है?
यदि कोई गलती हो तो उसे सुधारकर ही आगे बढ़ें।
Step 5 — Form पर आवश्यक हस्ताक्षर करें
Pre-filled Form तैयार होने के बाद जहाँ-जहाँ हस्ताक्षर आवश्यक हैं, वहाँ संबंधित व्यक्तियों के हस्ताक्षर करें।
प्रारूप–7 में वर्तमान और पूर्व कार्यकारिणी के विवरण के साथ हस्ताक्षर के लिए भी स्थान दिया गया है।
Form पर हस्ताक्षर करने से पहले यह जरूर जांच लें कि उसमें दी गई जानकारी सही है।
Step 6 — प्रस्ताव और अन्य दस्तावेज तैयार करें
धारा 27 के आवेदन के साथ आवश्यक प्रस्ताव/AGM की कार्यवाही और अन्य निर्धारित दस्तावेज तैयार रखें।
कौन-सा दस्तावेज किस आवेदन में वर्तमान व्यवस्था के अनुसार आवश्यक है, इसे submission करते समय RFAS पर उपलब्ध निर्देश के अनुसार जांचना चाहिए।
Step 7 — Online E-Challan तैयार करें
धारा 27 से संबंधित निर्धारित शुल्क के लिए Online E-Challan की व्यवस्था RFAS में उपलब्ध है।
Registrar, Firms & Societies की वेबसाइट पर Online E-Challan से संबंधित जानकारी उपलब्ध है।
इसलिए आवेदन करते समय उस समय पोर्टल पर दिखाई जा रही वर्तमान शुल्क राशि और चालान प्रक्रिया को ही अंतिम मानें।
पुराने किसी वीडियो या पुराने लेख में बताई गई शुल्क राशि पर निर्भर न रहें।
Step 8 — RFAS Portal पर Online Submit करें
अब तैयार दस्तावेजों को Registrar, Firms & Societies, Chhattisgarh के आधिकारिक RFAS Portal पर ऑनलाइन जमा करें।
Official RFAS Portal:
rfas.cg.nic.in — Registrar, Firms & Societies Chhattisgarh
यहाँ निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन प्रस्तुत करें।
धारा 27 और धारा 28 से संबंधित ऑनलाइन प्रक्रिया तथा प्रारूप–7 की जानकारी RFAS पोर्टल पर उपलब्ध है।
Step 9 — आवेदन जमा होने के बाद रिकॉर्ड रखें
Online submission पूरा होने के बाद:
- Application Number
- Acknowledgement
- Challan
- Submitted Form
- Uploaded Documents
आदि को सुरक्षित रखें।
आगे कभी सोसायटी के रिकॉर्ड की जरूरत पड़े तो यही दस्तावेज काम आएंगे।
धारा 27 की पूरी प्रक्रिया एक लाइन में
अगर आपको पूरी प्रक्रिया याद रखने में परेशानी हो रही है तो बस यह लाइन याद रखें:
“AGM के बाद जानकारी तैयार करें → LandSeva पर जानकारी भरें → Pre-filled Form प्राप्त करें → हस्ताक्षर करें → चालान व प्रस्ताव/जरूरी दस्तावेज लगाएं → RFAS पर निर्धारित समय में Online जमा करें।”
धारा 27 के लिए कौन-कौन से रिकॉर्ड पहले से तैयार रखें?
AGM से पहले या AGM के तुरंत बाद यह छोटी-सी फाइल तैयार कर लेना बहुत उपयोगी रहेगा:
सोसायटी की धारा 27 फाइल
- Registration Certificate
- सोसायटी की नियमावली/उपनियम
- वर्तमान सदस्य सूची
- AGM Notice
- AGM Attendance
- AGM Minutes/कार्यवाही
- Election Proceedings, यदि चुनाव हुआ हो
- वर्तमान कार्यकारिणी की जानकारी
- पूर्व कार्यकारिणी की जानकारी
- AGM का प्रस्ताव/Resolution
- प्रारूप–7
- आवश्यक हस्ताक्षर
- Online E-Challan
- RFAS Online Submission की acknowledgement
इससे धारा 27 की प्रक्रिया काफी आसान हो जाती है।
45 दिन की समय-सीमा को उदाहरण से समझें
मान लीजिए आपकी सोसायटी की AGM हुई:
15 अगस्त 2026
अब AGM के बाद धारा 27 की प्रक्रिया शुरू करनी है।
ऐसी स्थिति में 45 दिनों की निर्धारित अवधि को ध्यान में रखते हुए आवेदन समय पर तैयार करके जमा करना चाहिए।
सबसे अच्छा तरीका यह है कि AGM के अगले ही दिन LandSeva पर जानकारी भरने की प्रक्रिया शुरू कर दें।
आखिरी तारीख का इंतजार न करें।
अगर धारा 27 समय पर जमा नहीं हुई तो?
समय पर filing करना सबसे सुरक्षित है।
विभागीय मार्गदर्शन में निर्धारित समय के बाद की स्थिति तथा अतिरिक्त शुल्क/चालान से संबंधित निर्देश दिए गए हैं।
इसलिए यदि किसी कारण से समय निकल रहा है तो सोसायटी को तुरंत संबंधित Registrar कार्यालय/ऑनलाइन व्यवस्था में उपलब्ध वर्तमान निर्देश के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
क्या चुनाव न होने पर भी धारा 27 देनी होती है?
धारा 27 को केवल चुनाव वाले वर्ष की filing समझना सही नहीं है।
यह वार्षिक अनुपालना है। इसलिए हर वर्ष सोसायटी की वर्तमान स्थिति के अनुसार आवश्यक जानकारी प्रस्तुत करनी चाहिए।
यदि उस वर्ष कार्यकारिणी में कोई बदलाव नहीं हुआ है, तब भी वर्तमान Governing Body की जानकारी निर्धारित तरीके से प्रस्तुत करने की आवश्यकता को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
अगर कार्यकारिणी में बदलाव हुआ है तो?
यदि AGM में नई कार्यकारिणी चुनी गई है या कार्यकारिणी में परिवर्तन हुआ है, तो धारा 27 की जानकारी भरते समय वर्तमान कार्यकारिणी की सही जानकारी देना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
नाम, पद, पता, व्यवसाय और कार्यकाल आदि में कोई गलती नहीं होनी चाहिए।
साथ ही पुराने पदाधिकारियों की जानकारी के लिए प्रारूप–7 में दिए गए पूर्व कार्यकारिणी वाले भाग को भी पूरा करें।
धारा 27 और धारा 28 में क्या अंतर है?
दोनों को एक ही समझना गलत है।
धारा 27 मुख्य रूप से सोसायटी की वार्षिक सदस्यता, कार्यकारिणी/शासी निकाय और संबंधित वार्षिक जानकारी से जुड़ी प्रक्रिया है।
वहीं धारा 28 सोसायटी के लेखे और ऑडिट आदि से संबंधित अलग अनुपालना है।
Registrar के विभागीय मार्गदर्शन में भी धारा 27 और धारा 28 से संबंधित कार्यवाहियों को अलग-अलग बताया गया है।
इसलिए सोसायटी को दोनों की compliance अलग-अलग समझकर पूरी करनी चाहिए।
धारा 27 भरते समय इन गलतियों से बचें
1. AGM की गलत तारीख न भरें
AGM Register और Form में तारीख समान होनी चाहिए।
2. पदाधिकारी का पद गलत न लिखें
जिस पद पर व्यक्ति चुना गया है, वही पद दर्ज करें।
3. कार्यकाल की तारीख ध्यान से भरें
नियमावली और चुनाव की कार्यवाही से मिलान करें।
4. पूर्व कार्यकारिणी को न छोड़ें
प्रारूप–7 में इसके लिए अलग स्थान दिया गया है।
5. सदस्य सूची में गलती न करें
कुल सदस्यों की संख्या और संलग्न सूची में आपस में तालमेल होना चाहिए।
6. हस्ताक्षर करना न भूलें
Pre-filled Form डाउनलोड करने के बाद आवश्यक signatures जरूर जांचें।
7. चालान की जानकारी जांचें
Online E-Challan की जानकारी आवेदन से मिलाएं।
8. आखिरी दिन आवेदन न करें
तकनीकी समस्या होने पर समय निकल सकता है।
धारा 27 की आसान Checklist
आवेदन जमा करने से पहले इस सूची को जरूर देखें:
☐ AGM आयोजित हो गई है
☐ AGM की कार्यवाही तैयार है
☐ Attendance तैयार है
☐ Quorum की जानकारी उपलब्ध है
☐ वर्तमान कार्यकारिणी की जानकारी तैयार है
☐ पूर्व कार्यकारिणी की जानकारी तैयार है
☐ सदस्य सूची तैयार है
☐ कार्यकारिणी का कार्यकाल जांच लिया है
☐ LandSeva पर जानकारी भर दी है
☐ Pre-filled Form डाउनलोड कर लिया है
☐ Form की पूरी जानकारी जांच ली है
☐ आवश्यक हस्ताक्षर कर दिए हैं
☐ प्रस्ताव/Resolution तैयार है
☐ आवश्यक दस्तावेज तैयार हैं
☐ Online E-Challan तैयार है
☐ RFAS पर Online Application Submit कर दिया है
☐ Acknowledgement सुरक्षित रख लिया है
निष्कर्ष
धारा 27 की प्रक्रिया पहली नजर में थोड़ी मुश्किल लग सकती है, लेकिन यदि AGM के बाद काम को क्रम से किया जाए तो इसे आसानी से पूरा किया जा सकता है।
सबसे पहले AGM की कार्यवाही और सोसायटी की वर्तमान जानकारी तैयार करें। इसके बाद LandSeva.in पर आवश्यक जानकारी भरकर धारा 27 के लिए Pre-filled Form तैयार किया जा सकता है।
Form मिलने के बाद उसकी जानकारी अच्छी तरह जांचें, आवश्यक स्थानों पर हस्ताक्षर करें और प्रस्ताव/कार्यवाही तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज तैयार करें। इसके बाद निर्धारित शुल्क के लिए Online E-Challan की प्रक्रिया पूरी करें और Registrar, Firms & Societies के आधिकारिक RFAS Portal पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन जमा करें।
याद रखने का सबसे आसान तरीका है:
AGM → जानकारी तैयार → LandSeva → Pre-filled Form → हस्ताक्षर → चालान + प्रस्ताव/दस्तावेज → RFAS Online Submission
और सबसे जरूरी बात—
धारा 27 की प्रक्रिया को आखिरी तारीख तक न टालें। AGM के तुरंत बाद इसकी तैयारी शुरू कर देना सबसे अच्छा तरीका है।
आधिकारिक पोर्टल:
Registrar, Firms & Societies — Chhattisgarh (RFAS)
नोट: शुल्क, ऑनलाइन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों में समय के साथ विभागीय परिवर्तन हो सकते हैं। आवेदन करते समय RFAS पोर्टल पर उपलब्ध वर्तमान निर्देशों को प्राथमिकता दें।